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Assets और Liabilities क्या है – What is Assets and Liabilities

Assets और Liabilities

Assets और Liabilities क्या है – What is Assets and Liabilities? Hello Friends! How are you? Welcome again to Guptatreepoint. Accounting में balance sheet दो categories में divide होता है: Assets और Liabilities. Assets और liabilities दोनों ही accounting में महत्वपूर्ण role निभाते हैं|

Assets और Liabilities क्या होते हैं?

Assets और Liabilities दोनों ही accounting के term में common word हैं| कुछ लोग का कहना है की assets Good हैं जबकि Liabilities bad है जो की गलत नहीं है लेकिन हम इसके कुछ technical definition देखेंगे| तो चलिए देखते हैं assets और liabilities क्या होता है?

Assets क्या होते हैं – What is Assets?

Assets वैसे goods और services होते हैं जिन्हें भविष्य में रुपयों में मापा जा सकता है| Assets वैसे resource होते हैं जो की किसी भी business में profit यानि की लाभ generate करने में सहायता करते हैं| Assets आपके वैसे समान होते हैं जो की भविष्य में आपको benefit प्रदान करती है या सिंपल शब्दों में कहें तो assets आपके पैकेट में पैसे रखता है|

Example: Cash, Investment, Land, Building etc.

यह दो प्रकार के होते हैं:

  • Fixed Assets
  • Current Assets

Fixed Assets

Fixed Assets वैसे assets को कहा जाता है जो की organisation या business को long term profit provide करता हो| Fixed assets को long term assets और Non-current assets भी कहा जाता है|

दुसरे शब्दों में कहें तो Fixed assets वैसे assets को कहा जाता है जिसे कोई भी company बहुत ज्यादा दिनों तक रखती है फिर भी उसका वैल्यू कम नहीं होता है मतलब की वैसे assets जिसे company एक financial year (वितीय वर्ष) से भी ज्यादा रख ले तो भी वह उसका वैल्यू कम न हो that means वह long term profit provide करें| सीधा शब्दों में कहें तो जितना ज्यादा दिन किसी भी सम्पति को रखें तो उसका वैल्यू धीरे धीरे बढ़ते जाये|

जैसे अगर आपके पास Land (जमीन) है तो जमीन का वैल्यू हमेशा बढ़ते रहता है और अगर आप अपने जमीन को अपने पास लम्बे समय तक रखना चाहते हैं तो उसका वैल्यू धीरे धीरे बढ़ता चला जायेगा जो की long term profit provide करेगा| वैसे assets (सम्पति) को long term assets या fixed assets कहा जाता है|

Fixed assets निम्नलिखित प्रकार के होते हैं:

  1. Tangible Fixed Assets
  2. Intangible Fixed Assets

Tangible Fixed Assets: Tangible Fixed Assets वैसे assets को कहा जाता है जिसे आप अपने जीवन में देख सकते हैं, छू सकते हैं| जैसे की Land, Building इत्यादि Tangible fixed assets हैं जिसे हम छूने के साथ साथ देख भी सकते हैं| Tangible fixed assets को Physical assets भी कहा जाता है|

Intangible Fixed Assets: Intangible Fixed Assets वैसे assets को कहा जाता है जिसे आप ना तो छू सकते हैं और ना ही देख सकते हैं| जैसे Loan. यदि आपने किसी को Loan दिया है तो वो आपके लिए long term profit है मतलब की जो लोन लिया है वह जब तक loan नहीं चुकाता है तब तक उस पर ब्याज बढ़ते रहेगा जिससे loan देने वाले को long term profit मिलता रहता है| आप जिसे loan दे दिए हैं तो फिर उसे ना ही देख सकते हैं और ना ही छू सकते हैं| वैसे assets जो organisation या business को directly show नहीं होता हो उसे Intangible Fixed Assets कहा जाता है| जैसे बैंक में रखा हुआ पैसा आपको प्रत्येक महिना interest देता है जो की आपके सामने नहीं होता है मतलब की indirectly आ रहा होता है|

Current Assets

Current assets वैसे assets को कहा जाता है जो की एक financial year या उससे भी कम अवधी में रुपयों में convert करना होता है मतलब की जो हमें short term profit provide करता है उसे Current assets कहा जाता है| Current assets को short term assets भी कहा जाता है|

दुसरे शब्दों में कहें तो Current assets वैसे assets को कहा जाता है जिसमें कोई भी business या organisation एक financial year या उससे भी कम अवधि के लिए किसी भी assets को अपने पास रखता है| यदि कोई भी company किसी current assets को limited समय से ज्यादा समय तक अपने पास रखती है तो उसका वैल्यू शून्य हो जाता है|

जैसे यदि आपके पास एक दुकान है और आपके दुकान में खाने पिने की चीजे available हैं जिन पर expiry date लिखा हुआ है तो यदि आप उन सभी समानो के expiry date से ज्यादा दिन तक अपने पास रख देते हैं तो उसका वैल्यू शून्य हो जाता है मतलब की धीरे धीरे उसका वैल्यू घटने लगता है| और expiry date के बाद वह समान आपको कोई profit प्रदान नहीं करता है बल्कि आपको नुकसान ही पहुंचा देता है|

Liabilities क्या होता है – What is Liabilities?

Liabilities का हिंदी meaning दायित्व, कर्जा या ऋण होता है| जो पैसा आपको किसी दुसरे पार्टी को देना होता है तो उसे liabilities कहा जाता है| किसी भी company के द्वारा किसी अन्य company या organisation को दिया जाने वाला राशी या मूल्य Liabilities कहलाता है| Liabilities का मतलब होता है अपने पॉकेट से पैसा को किसी दुसरे के पॉकेट में या account में send करना|

साधारण शब्दों में समझे तो किसी एक company के द्वारा दुसरे company को दिए जाने वाले सम्पति Liabilities कहलाता है| Liabilities दो प्रकार के होते हैं:

  • Non-current Liabilities
  • Current Liabilities

Non-current Liabilities

Non-Current Liabilities वैसे liabilities होते हैं जिसे हमें एक financial year या उससे अधिक समयों के बाद चुकाना होता है मतलब की वैसा liabilities जिसे हमें लम्बे समय के बाद चुकाना होता है इसीलिए इसे Long term liabilities भी कहा जाता है|

चलिए example से समझते हैं जैसे अभी आपने अपना दुकान open करने के लिए या फिर किसी भी project plan के लिए से एक बैंक से loan लिया लेकिन आपको loan चुकाने के लिए लम्बे समय की अवधि दी जाती है तो इसे long term liabilities कहा जाता है| मतलब की आपको loan चुकाने के लिए एक financial year से ज्यादा समय दिया जाता है तो use Non-current liabilities या long term liabilities कहा जाता है|

Example: Long term loan

Current liabilities

Current Liabilities वैसे liabilities को कहा जाता है जिसे हमें एक सिमित समयों में यानि की short time में चुकाना पड़ता है इसलिए इसे short term liabilities भी कहा जाता है|

सरल शब्दों में कहें तो वैसा ऋण जो हमें एक financial year या उससे भी कम अवधि में चुकाना पड़ता है उसे Current liabilities या फिर short term liabilities कहा जाता है| Current liabilities के example:

  • Electricity बिल जो की हमें प्रत्येक महीने चुकाने पड़ते हैं|
  • School fees
  • Payments to Employee
  • Tax paying

Current liabilities निम्न प्रकार के हो सकते हैं:

  • Account payable
  • Short term loan
  • Bank overdraft

Conclusion and Final Words

Balance sheet में दोनों Assets और liabilities किसी भी company के financial position को reflect करता है| Assets के term में company के पास पैसा आता है लेकिन Liabilities के term में company के पास से पैसा जाता है| Assets का हिंदी meaning सम्पति होता है जबकि liabilities का हिंदी meaning कर्जा, ऋण होता है|

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है की यह पोस्ट आपको बेहद पसंद आया होगा इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ जरुर share करें और साथ ही साथ अपना feedback भी जरुर दें ताकि हमें अगले पोस्ट लिखने में सहानुभूति मिले| Thank you for being here. Please visit again to Guptatreepoint blog.

About the author

SUMIT KUMAR GUPTA

Myself Sumit Kumar Gupta. I am a programmer and blogger. I spend more time on programming and helps other programmers. I am a part-time blogger because I would like to become a Software developer.

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