CodeIgniter 3 Application Workflow - CodeIgniter Architecture (Hindi)
CodeIgniter-3

CodeIgniter Architecture – CodeIgniter 3 Application Workflow (Hindi)

Technical भाषा में बोला जाये तो CodeIgniter framework बनाने का उद्देश्य application को fast develop करना और साथ ही साथ easy बनाना था|

CodeIgniter 3 के इस tutorial में हम सीखेंगे की CodeIgniter 3 में application का workflow कैसे होता है that means CodeIgniter 3 में जब भी कोई application बनाया जाता है तो वह किस किस file से होकर के data को send और receive करता है| CodeIgniter 3 को simple बनाया गया है ताकि कोई भी application तेजी से develop किया जा सके और इसका loading speed fast हो| आज के दिन में ऐसे application जिनका loading speed slow होता है लोग उसे open करना पसंद नहीं करते हैं| CodeIgniter Architecture

CodeIgniter 3 Application Workflow – Design and Architectural Goals

CodeIgniter को develop करने का सबसे बड़ा reason था application को fast loading बनाना और साथ ही साथ URL को SEO friendly बनाना| CodeIgniter 3 application workflow बहुत ही आसान हैं और इनके steps भी बहुत easy हैं जिससे कोई भी user आसानी से इसे समझ सकता है|

Technical भाषा में बोला जाये तो CodeIgniter framework बनाने का कुछ मुख्य उद्देश्य था जो की निचे दिया गया है|

Dynamic Instantiation: Dynamic Instantiation का मतलब है की components को dynamically load करना that means जब हमें जरुरत पड़े तभी content load हो अन्यथा load ना हो| इसे हमे ये फायदा होगा की हमारे project के सारे content एक साथ load नहीं होगे अपने जरुरत के अनुसार ही load होंगे और इससे हमारा application fast work करेगा|

Loose Coupling: Loose coupling का मतलब है की components किसी दूसरे libraries या components पर ज्यादा depend नहीं करेंगे जिससे project में किसी भी component को अपने अनुसार customize करके इस्तेमाल किया जा सकता है| इससे किसी दूसरे components पर कोई असर नहीं पड़ेगा|

Component Singularity: Component singularity का मतलब है की सारे components के अपने अपने कार्य केन्द्रित किये गए हैं that means सारे class और function को अपने अपने श्रेणी में बाँट दिया गया है जिससे उन्हें ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जा सक| जैसे की Model का folder आपको अलग मिलेगा, controller का folder आपको अलग मिलेगा इसी प्रकार सभी components का folder आपको अलग अलग मिलेगा|

CodeIgniter Application Flow Chart

निचे दिया गया image यह बताता है की CodeIgniter का workflow कैसे होता है|

CodeIgniter 3 Application FlowChart
Image Credit: CodeIgniter
  • जब भी हम Browser में CodeIgniter project के URL को enter करके hit करते हैं तो वह सबसे पहले index.php को request send करता है| Index.php सारे base resources को initialize करता है जिससे की project execute हो सके|
  • उसके बाद Router decide करता है की information के साथ क्या करना है that means इस request को किस Controller से connect करना है या किस route से भेजना है|
  • उसके बाद caching का role आता है| अगर आपने उस URL को पहले से अपने browser में use किया हुआ होता है तो आगे का process किये बिना तुरंत आपके browser में response send कर दिया जाता है| अगर आप पहले से उस request का इस्तेमाल नहीं किये होते हैं तो आगे का process follow होता है|
  • जैसा की second step में मैंने बताया की Router controller के पास information भेजता है लेकिन उससे पहले Security level आता है जहाँ पर information की security check की जाती है| जिस प्रकार हम घर से किसी भी बड़े shopping मॉल में जाते हैं तो हम किसी एक Route से ही जाते हैं और उसके बाद मॉल में अन्दर जाने से पहले हमारी security check होती है और जितने भी unsecured चीजें होती है वही पर रख लिए जाते हैं ठीक उसी प्रकार CodeIgniter में भी security का काम होता है|
  • उसके बाद Controller अपने स्तर पर request को execute करता है उसे जितने भी components की आवश्यकता पड़ती है उन्हें वो load करता है| अगर आपके controller के function में model का code लिखा हुआ है तो वो model से connect करेगा, अगर library का code लिखा हुआ है तो वो library से connect करेगा इसी प्रकार वो अपना request को execute करता है|
  • उसके बाद सारे response view के पास आते हैं और view में लिखे गए code के अनुसार browser में हमें response show होता है|

Video Tutorials

Conclusion and Final Words

CodeIgniter 3 के workflow को अपने स्तर से example के साथ समझाने की कोशिश किया है मैंने| जब भी हम interview देने जाते हैं तो हमसे अधिकतर इंटरव्यू में ये question पूछ दिया जाता है की CodeIgniter के URL पहले कहाँ पर request send करते हैं या फिर किस file को सबसे पहले hit करते हैं तो यहाँ पर आप index.php या router बोल सकते हैं|

CodeIgniter 3 में सारे components को इस प्रकार से categorize कर दिया गया है ताकि कोई भी नया इंसान जो पहली बार framework सीख रहा है वो आसानी से CodeIgniter सीख सके| इस tutorial में हमने सीखा की CodeIgniter 3 application workflow के बारे में|

1 Comment

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    Guest blogging is important for optimization for our blogs. Thanks for sharing such an informative post.

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