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Data Compression क्या है? Data Compression कितने प्रकार के होते हैं

Data Compression kya hai

Data Compression क्या है? Data Compression कितने प्रकार के होते हैं? What is Data Compression & How many types of Data Compression in Multimedia? Hello Friends! How are you? Welcome again to Guptatreepoint blog. दोस्तों आज के इस पोस्ट में मैं आपको बताऊंगा की Data compression क्या होता है? Data Compression के क्या क्या फायदे हैं? Data Compression कितने प्रकार के होते हैं? Data Compression and Types of Data Compression?

Data Compression क्या है?

Multimedia Data Compression एक technique या process होता है जो की data के overall size को reduce करता है यानि की data के size को compress करके कम करता है| यह process तभी possible हो सकता है जब original data कुछ duplicate data को रखता है मलतब की जब data redundancy होता है तभी data compress हो सकता है|

Data compression को compaction भी कहा जाता है| Data के size को कम करने के process को data compression कहा जाता है| किसी भी original data को कुछ compression algorithm का उपयोग करके उसका size को कम किया जाता है|

Data Compression एक ऐसी प्रक्रिया होती है जिसके द्वारा हम original data को compress करके उसके size को कम कर सकते हैं| यह हमें storage device और time को बचाने में मदद करता है|

Data compress करने के फायदे :

किसी भी data को compress करने के निम्नलिखित फायदे हैं| जो की इस प्रकार हैं:

  • Data compress होने के बाद कम storage space लेता है मतलब की data को compress करने से storage space की बचत होती है|
  • कहीं भी internet के द्वारा compress data को आसानी से send कर सकते हैं इससे time और internet पैक दोनों की ही बचत होती है|
  • Compress Data को send और receive करना आसान हो जाता है क्योंकि data compress होने के बाद उसका size कम हो जाता है|

Data compress करने के नुकसान:

  • कभी कभी कुछ data loss हो जाता है मतलब की जब हम किसी भी data को एक बार से ज्यादा बार compress कर देते हैं तो data loss होने के chances बढ़ जाते हैं| जैसे यदि आप Whatsapp पर किसी को कोई video send करते हैं और वही video अगला person किसी और को send कर देता है तो जब बहुत बार वह video send कर दिया जाता है तो उसमें से कुछ data loss हो जाता है|
  • कभी कभी compress data को transmit करने में error show होने लग जाता है|

Type of Data compression – Data Compression के प्रकार

डाटा कम्प्रेशन दो प्रकार के होते हैं:

  1. Lossy Compression
  2. Lossless Compression
Types of Compression

Types of Compression

Lossy Compression

Lossy Compression एक high compression ratio होता है जो की किसी भी data को 50:1 के form में compress करता है| Lossy data compression में data को compress करने के बाद जब decompress करते हैं मतलब की पुनः original form में लाते हैं तो कुछ data loss हो जाता है मतलब की completely original data recover नहीं हो पाता है|

Lossy का हिंदी meaning हानिकारक होता है जिसमें data का हानि होता है मतलब की जब हम data को decompress करते हैं that means original form में लाते हैं तो कुछ data loss हो जाता है वह original data के equal नहीं होता है|

Lossy data compression Audio, Video और image को compress करने के लिए उपयोग किया जाता है| Lossy algorithm lossless algorithm के अपेक्षा बहुत ही अच्छा compression ratio होता है क्योंकि यह data के size को ज्यादा compress कर देता है|

Lossy Compression Algorithm Techniques :

Lossy compression algorithm technique तीन प्रकार के होते हैं| जो की इस प्रकार हैं:

  1. Mathematical and Wavelet Transformation
  2. JPEG Encoding
  3. H.X
1: Mathematical and Wavelet Transformation

Mathematical and Wavelet Transformation Lossy compression algorithm का टाइप होता है| इसके process में, image mathematical function में convert हो जाता है| यह technique JPEG, MPEG1 और MPEG2 format के साथ use होता है|

2: JPEG Encoding

JPEG Encoding में एक image two dimensional array of pixcel के द्वारा represent होता है| यह 8 x 8 Pixcels के block में divide होता है| 307 x 200 pixcels का एक grayscale picture 2457600 bits के द्वारा represent होता है और एक color picture 7372800 bits के द्वारा represent होता है|

3: H.X (H.261, H.263, H.264)

H.261 compression algorithm video telephonic और video conferencing application के लिए design किया गया है| यह 1988 से 1990 के बीच develop हुआ था|

H.263 compression algorithm low bitrate communication के लिए एक video coding technique होता है| इस technique के द्वारा 30% bit saving होता है|

H.264 ITU-TS expert group और ISO/IEC MPEG Group का joint project है| तीनो compression algorithm data को compress करने के लिए different method का इस्तेमाल करते हैं|

Lossless Compression

Lossless compression एक प्रकार का data compression होता है जो की 2:1 के ratio में data को compress करता है| जब कोई भी data lossless data compression algorithm के द्वारा compress होता है और फिर जब उसे decompress किया जाता है तो पूरी तरह से original data recover हो जाता है|

यह data compression Text और data files को compress करने के लिए उपयोग किया जाता है जैसे की bank records, Whatsapp text message, text articles इत्यादि|

इस data कम्प्रेशन को text और data files को compress करने के लिए इसलिए उपयोग किया जाता है क्योंकि यह data कम्प्रेशन technique data को decompress करते समय original data के form में ला देता है मतलब की यह कोई भी data को loss नहीं करता है|

इस कम्प्रेशन algorithm में दोनों compressed और original data same होते हैं मतलब की दोनों में कोई changement नहीं होता है| इस algorithm में compression और decompression के लिए एक दुसरे के inverse algorithm का उपयोग होता है|

Lossless Compression Algorithm:

Lossless data कम्प्रेशन algorithm तीन प्रकार के होते हैं जो की इस प्रकार हैं : –

  1. Run-Length Encoding
  2. Differential Pulse Code Modulation
  3. Lempel-Ziv Coding
1: Run-Length Encoding

Run-Length encoding एक simplest encoding technique होता है| यह algorithm continuous sequence of symbol को remove करके data को compress करता है|

दुसरे शब्दों में कहें तो यह encoding technique लगातार same data को किसी दुसरे number या symbol के द्वारा replace करके data को compress करता है|

जैसे मान लीजिये एक text AAAAABBBBBBBBCCCCCC है| अब यह text इस encoding technique के द्वारा एक short form में replace होगा जो की इस प्रकार होगा| A05B08C6. इस short form का मतलब यह है की A 5 बार आया है जबकि B 8 बार आया है और C 6 बार आया है|

2: Differential Pulse Code Modulation

Differential pulse code modulation एक lossless algorithm technique होता है| इस method में सबसे पहले एक Reference Symbol लिया जाता है और उसके बाद प्रत्येक symbol के लिए एक number लिखा जाता है जो की reference symbol से अलग होता है|

जैसे मान लीजिये आपके पास एक data AABBBCCCCDDDEEE है जो की encode होने के बाद यानि की compress होने के बाद A001112222333444 हो जायेगा| यहाँ पर A एक reference symbol है जिसे सबसे पहले लिखा गया है और उसके बाद जितना times A available है उतना times 0 लिखा गया है| अब B को A से different लिखना है इसलिए मैंने B को 1 से denote किया है ठीक उसी प्रकार C को 2 से, D को 3 से और E को 4 से denote किया गया है|

3: Lempel-ZIV (LZ) Coding

Lempel-ZIV (LZ) Coding एक lossless compression algorithm technique होता है| Lempel-ZIV (LZ) Coding technique एक Dictionary Based Encoding algorithm होता है जो की सबसे बेहतर compression algorithm होता है|

इस compression method को substitution order भी कहा जाता है| इस method में सबसे पहले एक Dictionary table create होता है जिसमें सभी data (जो की string में available हैं ) index होता है| यदि एक ही data एक से अधिक बार आ जाता है तो वह same index में index होता है जैसे यदि Gupta string 5 बार आता है और पहला Gupta string के लिए index number 432 available है तो फिर दूसरा Gupta के लिए दूसरा index number create नहीं होगा|

इस compression method में कोई भी individual data compress नहीं होता है इसमें direct string compress होता है| जैसे मान लीजिये एक string “Display” है जिसे compress या encode करना है और Display string का index number 425 है तो जितना times display string आएगा वह index number से replace हो जायेगा|

साधारण शब्दों में कहें तो यह algorithm technique बहुत ही अच्छा algorithm technique है जिसमें किसी भी data का सबसे पहले indexing होता है और उसके बाद जो data compress करना है वह data अपने indexing number के द्वारा replace हो जाता है|

Conclusion and Final Words

Data compression एक बहुत ही अच्छा technique है time और storage space की बचत करने के लिए| इसके द्वारा हमारा पूरा data भी सुरक्षित रहता है और साथ ही साथ storage space भी कम खपत होता है| कुछ logo को data compression के बारे में समझने में बहुत मुस्किल होता है इसलिए मैंने हिंदी language में पोस्ट लिखा है और साथ ही साथ example भी दिया है जिससे आप आसानी से समझ सकें|

मैंने इस पोस्ट में बताया की Data compression क्या होता है और यह कितने प्रकार के होते हैं? मुझे उम्मीद है की यह पोस्ट आपको बहुत पसंद आया होगा इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ जरुर share करें और साथ ही साथ अपना feedback भी जरुर दें| Thank you for Visit Guptatreepoint blog.

About the author

SUMIT KUMAR GUPTA

Myself Sumit Kumar Gupta. I am a programmer and blogger. I spend more time on programming and helps other programmers. I am a part-time blogger because I would like to become a Software developer.

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