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Networking क्या है – What is Networking in Hindi? Benefits of Computer Network in Hindi

Computer networking kya hai

Networking क्या है – What is Networking in Hindi? Benefits of Computer Network in Hindi? Networking device कौन कौन से हैं? जैसा की मैंने पिछले पोस्ट में बताया था की Computer Network क्या होता है और यह कितने प्रकार के होते हैं? उस पोस्ट में मैंने यह भी कहा था की अगले आने वाले पोस्ट में मैं आपको Networking के बारे में बताऊंगा|

बहुत सारे लोग सोचते हैं की Network और Networking दोनों एक ही हैं और कहीं भी इसका definition देना होता है तो दोनों का same definition दे देते हैं जो की बिलकुल गलत है| दोनों word एक ही हैं लेकिन एक word Verb का पहला रूप है तो दूसरा word verb का चौथा रूप हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं की दोनों अलग अलग क्यों है, क्या difference है दोनों में| यदि नहीं तो चलिए मैं बताता हूँ| Hello Friends! Guptatreepoint blog पर आपका एक बार फिर से स्वागत है| तो चलिए आज के पोस्ट में देखते हैं की Networking क्या है? और कुछ Networking device के बारे में जानते हैं|

Networking क्या है (Networking in Hindi)

जब दो या दो से अधिक computers और Networking device किसी भी communication channel के माध्यम से Data transmission और Resource sharing करने के लिए एक दुसरे से linked होते हैं यानि की connect होते हैं तब उसे Network या Computer Network या Data Network कहा जाता है|

जबकि दो या दो से अधिक computers और Networking device को एक दुसरे से link और connect करने के पुरे process को Networking कहा जाता है| दुसरे और आसान शब्दों में कहें तो, किसी भी computer network को create करने और उसका उपयोग करने के पुरे process को Networking कहा जाता है| एक computer network बनाने के लिए हमें Hardware, Software और Protocol की आवश्यकता होती है, हम computer network को wired या Wireless भी बना सकते हैं|

Common Data और Information को किसी भी individual या group के साथ share करने के लिए हम Network बनाते हैं और इस पुरे network बनाने के process को Networking कहा जाता है|

Benefits of Computer Network – Computer Network के फायदे

किसी भी चीज को create करने के पीछे एक मकसद होता है जिसे फायदे के रूप में देखा जाता है| Computer networking, Information share करने का बहुत ही अच्छा तरीका बन चूका है, इसके द्वारा बहुत सारे computer एक दुसरे के साथ linked होते हैं यानि की connect होता है और आपस में data exchange करते हैं| Computer Networking बनाने का कुछ फायदे भी हैं और कुछ नुकसान भी हैं, तो चलिए पहले हम इसके फायदे के बारे में जानते हैं|

1. Faster Communication

जैसा की मैंने बताया था की Networking बहुत सारे computer को एक साथ जोड़ने का process होता है| networking को generally communication और data exchange करने के लिए ही बनाया गया है| Computer network के द्वारा हम real time में किसी के पास भी message कर सकते हैं और वो भी हमें तुरंत message कर reply कर सकता है| जब हमारे पास Networking नहीं था तो हम अपना Message post office (डाकघर) के द्वारा भेजते थे जो की बहुत ही lengthy process था और उससे message सही समय पर नहीं पहुँचता था|

लेकिन जब से Networking आया है तब से हम अपना message पुरे world में कहीं भी किसी के पास भी seconds में भेज सकते हैं| यह हमारे communication को बहुत ही faster बनाया| इसके द्वारा हम अपना message या किसी भी प्रकार का file भेज सकते हैं|

2. Boost Storage Capacity (Storage capacity बढेगा)

जब आप नेटवर्क के द्वारा computers को connect करेंगे तो आपको सभी computers में एक ही डाटा store करके रखने की जरुरत नहीं पड़ेगी मतलब की आप एक ही कंप्यूटर के डाटा को सभी connected computers में इस्तेमाल कर सकते हैं और ऐसे में आपके computer का storage capacity बढ़ जायेगा मतलब की आपका storage space बचेगा जिसमें आप दूसरा information store करके रख सकते हैं|

3. Inexpensive Cost (सस्ती लागत)

जब आप नेटवर्किंग सिस्टम install करेंगे तो आप एक ही resource को सभी connected computers के साथ उपयोग कर सकते हैं इससे आपके पैसे की बचत होगी| जैसे यदि आप एक Institute चलाना चाह रहे हैं तो आप एक ही CPU (Central Processing Unit) को ढेर सारे desktop के साथ connect कर सकते हैं जिससे आपको केवल एक ही CPU का खर्च उठाना पड़ेगा|

4. Easily File sharing

Networking system install करने से, आप एक ही file को सभी connected device में इस्तेमाल कर सकते हैं, इसके लिए आपको कोई अलग से storage space नहीं चाहिए| जैसे यदि आप अपने Institute में एक CPU से ढेर सारे desktop को connect किया है तो वो सभी desktop user उस CPU में रखे गए file को आसानी से देख सकते हैं मतलब की सभी के बीच वह फाइल आसानी से share हो सकता है| आपको उस file को बार बार copy paste नहीं करना पड़ेगा|

5. Resource Sharing

आप नेटवर्किंग सिस्टम के माध्यम से एक resource (जैसे की Printer, CPU and other Hardware devices) को बहुत सारे devices के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं, networking सिस्टम के द्वारा आपका एक ही resource सभी devices के साथ शेयर हो सकता है| जैसे यदि आप किसी भी Internet cafe में गए होंगे तो वहां पर आपने देखा होगा की एक ही Printer सभी computers के साथ connect रहता है जो की resource sharing करता है|

6. Easy to use

नेटवर्किंग device के कारण आपको सभी computers में बार बार किसी भी software को install करने की जरुरत नहीं पड़ेगी और ना ही आपको बार बार कोई changement करने की जरुरत पड़ेगी, इसलिए इसे उपयोग करना बहुत ही आसान है|

Disadvantages of Computer network – computer network के नुकसान

जब किसी भी चीज का फायदा होता है तो उसका नुकसान भी होना जरुरी है, जैसे यदि आप परीक्षा देते हैं तो उसमें कुछ लोगो का फेल और कुछ लोगो का पास होना जरुरी है, यदि फेल होने का सिस्टम ही नहीं रहता तो सभी पास हो जाते और इससे ये पता नहीं चल पाता की किसके पास अच्छा knowledge है और किसके पास नहीं| उसी प्रकार computer network के कुछ फायदे हैं तो इसके नुकसान भी होंगे जैसे एक सिक्के के दो पहलु होते हैं| तो चलिए हम इसके नुकसान के बारे में देखते हैं|

1. Security Issue

जब आपके network में बहुत सारे लोग add होंगे तो उनमें से कोई एक आपको नुकसान पहुँचाना चाहेगा या फिर कोई बाहरी आदमी आपको नुकसान पहुँचाना चाहेगा, जब लोग एक दुसरे के बीच Resource और File share करेंगे तो कोई illegal person नुकसान पहुँचाने की कोशिश जरुर करेगा इसलिए network के साथ security problem बहुत ही common है और यह Computer network का disadvantages है|

2. It lacks robustness (इसमें मजबूती नहीं है)

जब कभी भी main server break down हो जायेगा मतलब की खराब हो जायेगा तो उससे connected सारे system useless हो जायेंगे मतलब की बिना काम के हो जायेंगे, फिर उन सभी system से कोई काम नहीं हो पायेगा| यदि कोई भी bridging device (दो network को जोड़ने वाला) या Central linking server fail हो जाता है तो उससे जुड़े सारे system fail हो जायेंगे| इससे निबटने के लिए Main server powerful system को बनाया जाता है ताकि इन सभी problem से आसानी से निबटा जा सके और यह जल्दी fail ना करे|

3. It requires expensive set-up

जब आप computer network install करेंगे तो आपको थोडा ज्यादा cost लगेगा क्योंकि networking करने के लिए आपको कुछ Network devices (जैसे की Switch, hub, router etc.) की आवश्यकता पड़ेगी जो की cost को ज्यादा करेगा मतलब की इसके कारण ज्यादा cost लगेगा| इसके अलावा आपको Networking करने के लिए Network Interface Cards (NICs) की जरुरत पड़ेगी यदि पहले से Network Interface cards नहीं लगा हुआ होगा तो, इसके कारण भी cost में effect पड़ेगा|

Networking Device (Network में इस्तेमाल होने वाले devices)

कुछ basic hardware component जो की network में इस्तेमाल होते हैं:

1. HUB

Hub को Network hub भी कहा जाता है| यह एक common networking device होता है जिसका इस्तेमाल LAN के segment (भाग) को connect करने के लिए होता है| Hub में Multiple ports होते हैं, जब एक port के पास कोई भी packet पहुँचता है तो वह सभी port के पास copy कर देता है ताकि जितने भी LAN segment उस hub से connected हैं वे सब इस packet को देख सकें| Hub दो प्रकार के होते हैं Active Hub और Passive Hub.Hub image

2. Switch

Network switch एक Computer networking device होता है जो की Packet switching के द्वारा devices को computer network पर जोड़ने का काम करता है जिसके द्वारा source device से data सेंड किया जाता है और उसके बाद डाटा प्रोसेस होता है फिर Destination device के पास receive होता है| Network switch को Switching hub, Bridging hub और MAC bridge भी कहा जाता है|Switch image

यह information के packet में MAC address के अनुसार ports के बीच डाटा को filter करता है मतलब की यह data को filter करके ये पता लगाने की कोशिश करता है की इस डाटा को किस port के पास भेजना है| Switch के पास Multiple ports होते हैं और यह सभी ports के MAC address (Media Access control address) को table में store करके रखता है ताकि information के MAC address के अनुसार उस port तक directly भेजा जा सके| यह सभी port के पास डाटा को copy नहीं करता है इसलिए इसे Intelligent device बोला जाता है|

3. Router

Router एक Networking device होता है जो की computer network के बीच data को forward करने का काम करता है| Generally, Router अलग अलग प्रकार के network को connect करने का काम करता है| Router traffic directing के जैसा काम करता है मतलब की यह route बताने का काम करता है| इन्टरनेट पर जितने भी data send किये जाते हैं वे सभी डाटा एक packet के form में होते हैं| जब information का packet एक router से दुसरे router में network के द्वारा forward किया जाता है तब एक internetwork का गठन होता है जब तक की data अपने destination node तक नहीं पहुँच जाये|Router Image (WIFI

जब information का कोई भी packet router के किसी line में आता है तो सबसे पहले router उस information के network address को पढता है ताकि उसके destination node के बारे में पता लगाया जा सके और उसके बाद उसको destination node तक पहुँचाने के लिए next network में transfer कर देता है|

4. Bridge

Bridge एक computer networking device होता है जो की एक ही प्रकार के network को जोड़ने का काम करता है| यह Router से बिल्कुल अलग है क्योंकि router दो अलग अलग network को जोड़ने का काम करता है जबकि Bridge same network को जोड़ने का काम करता है| OSI Model में, bridging Data link layer में perform होता है|

Bridge का example: जैसे आपने अपने शहर में देखा होगा की एक ही प्रकार के road को जोड़ने के लिए over bridge बनाये जाते हैं ताकि दोनों road एक दुसरे से connected रहे| ठीक उसी प्रकार एक ही प्रकार के network को connect करने के लिए bridge का इस्तेमाल होता है ताकि network के बीच data transmission होते रहे|

5. Repeater

यह एक electronic device होता है जो की signal को receive करके उसको retransmits करने का काम करता है| इसके नाम से ही पता चल रहा है की यह repeat करने का काम करेगा यानि की किसी भी चीज को दोहराने का काम करेगा| इसका काम signal strength को बढ़ाना होता है ताकि transmission दूर दूर तक हो सके|

Repeater का इस्तेमाल transmission power को बढाने के लिए किया जाता है जैसे मान लीजिये कोई भी telephone call को telephone line के द्वारा भेजा जा रहा है तो बहुत ज्यादा लम्बी दुरी तय करने में कुछ power lost हो जाता है जिससे audio quality खराब हो जाता है और दुसरे end तक पूरी तरह से आवाज नहीं जा पाता है इसलिए repeater का इस्तेमाल किया जाता है ताकि वह फिर से उस audio signal को high power के साथ आगे भेज सके और audio signal पूरी तरह से दुसरे end तक पहुँच सके|

6. Interface cards:

Network Interface cards (NICs) को Network Interface Controller (NIC, Network adapter, LAN adapter और Physical Network interface भी कहा जाता है| यह एक computer hardware component होता है जिसका इस्तेमाल computer को computer network से connect करने के लिए होता है|

Personal computer और workstations में Network interface card पहले से ही design किया हुआ रहता है, यह specially LAN Transmission technology के लिए design किया गया है|

7. Firewalls

Firewall एक network security system होता है जो incoming और outgoing network traffic को control और manage करने के लिए इस्तेमाल होता है| Firewall unsafe network traffic को access करने से reject करता है यानि की रोकता है और Safe network traffic को access करने के लिए allow करता है| यह unsafe network traffic और safe network traffic के बीच barrier establish करता है ताकि unauthorized access से रोका जा सके|

Conclusion and Final Words

Computer networking बहुत ही fast और successful way है data transfer करने का, यह लोगो का काम बहुत ही आसान कर दिया है मतलब की इसके द्वारा हम seconds में इनफार्मेशन को एक जगह से दुसरे जगह पर भेज सकते हैं| Computer network generally तीन प्रकार के होते हैं: LAN, MAN, and WAN.

दोस्तों मैंने इस पोस्ट में बताया की Computer Networking क्या होता है और यह computer network से किस प्रकार अलग होता है| इसके अलावा मैंने कुछ computer networking device के बारे में भी बताया है| मुझे उम्मीद है की यह पोस्ट आपको काफी पसंद आया होगा इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करें और साथ ही साथ मेरे ब्लॉग को subscribe जरुर करें ताकि मेरे सभी नए पोस्ट आप तक तुरंत पहुँच सके| Guptatreepoint blog पर आने के लिए धन्यवाद|

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SUMIT KUMAR GUPTA

Myself Sumit Kumar Gupta. I am a programmer and blogger. I spend more time on programming and helps other programmers. I am a part-time blogger because I would like to become a Software developer.

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